One Rank One Pension (OROP): भारतीय सैनिकों के हक और सम्मान की पूरी जानकारी

One Rank One Pension (OROP): भारतीय सैनिकों के हक और सम्मान की पूरी जानकारी

One Rank One Pension (OROP): भारतीय सैनिकों के हक और सम्मान की पूरी जानकारी

भारतीय सशस्त्र बलों के इतिहास में One Rank One Pension (OROP) एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है। वर्षों के इंतजार और लंबे संघर्ष के बाद लागू हुई यह योजना पूर्व सैनिकों (Ex-Servicemen) के वित्तीय अधिकारों को सुरक्षित करती है।

यदि आप एक डिफेंस एस्पिरेंट हैं, पूर्व सैनिक हैं या सिर्फ एक जागरूक नागरिक हैं, तो ओआरओपी (OROP) के इन 6 मुख्य पहलुओं को समझना आपके लिए अनिवार्य है।


1. OROP क्या है? (सरल परिभाषा)

‘वन रैंक वन पेंशन’ का मूल सिद्धांत बहुत सीधा है: समान रैंक और समान सेवा अवधि (Length of Service) के बाद रिटायर होने वाले दो सैनिकों की पेंशन एक समान होनी चाहिए। इसमें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि सैनिक किस वर्ष रिटायर हुआ है। उदाहरण के तौर पर, यदि एक ‘नायक’ 1995 में रिटायर हुआ और दूसरा 2018 में, तो दोनों की पेंशन राशि एक समान होनी चाहिए।

2. इसकी आवश्यकता क्यों पड़ी?

दशकों से नियम यह था कि पेंशन अंतिम आहरित वेतन (Last Drawn Salary) पर आधारित होती थी। चूंकि हर नए वेतन आयोग (Pay Commission) के साथ सैलरी बढ़ती गई, इसलिए बाद में रिटायर होने वाले सैनिकों को अपने सीनियर (जो पहले रिटायर हुए थे) से कहीं अधिक पेंशन मिलने लगी। इस विसंगति को दूर करने के लिए OROP की मांग उठी।

3. पेंशन निर्धारण की प्रक्रिया

OROP के तहत पेंशन की गणना एक पारदर्शी तरीके से की जाती है:

  • औसत पेंशन: एक ही रैंक और समान सेवा अवधि वाले सैनिकों की न्यूनतम और अधिकतम पेंशन का औसत (Average) निकाला जाता है।

  • सुरक्षा कवच: यदि किसी सैनिक की वर्तमान पेंशन उस औसत से अधिक है, तो उसे कम नहीं किया जाता (इसे ‘प्रोटेक्टेड पेंशन’ कहा जाता है)।

  • लाभ: जिनकी पेंशन औसत से कम होती है, उन्हें बढ़ाकर उस स्तर पर लाया जाता है।

4. रिविजन साइकिल (संशोधन अवधि)

सरकार ने तय किया है कि ओआरओपी की दरों की समीक्षा हर 5 साल में की जाएगी।

  • पहला चरण (OROP-1) 1 जुलाई 2014 से प्रभावी हुआ।

  • दूसरा चरण (OROP-2) 1 जुलाई 2019 से लागू किया गया। यह आवधिक समीक्षा सुनिश्चित करती है कि पुराने और नए रिटायर होने वाले सैनिकों के बीच का अंतर फिर से न बढ़ जाए।

5. एरियर (Arrears) और भुगतान का नियम

जब भी पेंशन में संशोधन होता है, तो प्रभावी तारीख से लेकर भुगतान की तारीख तक का पिछला बकाया (Arrears) सैनिकों को दिया जाता है।

  • प्राथमिकता: पारिवारिक पेंशनभोगियों और वीरता पुरस्कार विजेताओं को एरियर का भुगतान एक बार में किया जाता है।

  • किस्तें: सामान्य मामलों में सरकार अक्सर इसे चार छमाही किस्तों में भुगतान करती है।

6. नीति के कुछ महत्वपूर्ण अपवाद

OROP का लाभ सभी के लिए एक जैसा नहीं है। इसके कुछ विशेष नियम हैं:

  • PMR (Pre-Mature Retirement): 1 जुलाई 2019 के बाद अपनी मर्जी से समय से पहले रिटायरमेंट लेने वाले सैनिकों को ओआरओपी का लाभ नहीं मिलता है।

  • पारिवारिक पेंशन: यह योजना शहीद सैनिकों की विधवाओं और पारिवारिक पेंशनभोगियों पर भी समान रूप से लागू होती है।


निष्कर्ष

One Rank One Pension केवल एक आर्थिक लाभ नहीं है, बल्कि यह देश के प्रति सैनिकों की निस्वार्थ सेवा का सम्मान है। हालांकि समय-समय पर इसकी गणना को लेकर कुछ तकनीकी बहसें होती रहती हैं, लेकिन इसने लाखों पूर्व सैनिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में बड़ी भूमिका निभाई है।

“क्या आपको अपनी रैंक के अनुसार OROP-2 का एरियर मिल गया है? यदि आपका कोई सवाल है, तो नीचे कमेंट बॉक्स में पूछें।”