भूतपूर्व सैनिकों के लिए बड़ी राहत: पुनर्नियोजन नियमों में संशोधन, अब सैन्य नर्सिंग सेवा भी शामिल

भूतपूर्व सैनिकों के लिए बड़ी राहत: पुनर्नियोजन नियमों में संशोधन, अब सैन्य नर्सिंग सेवा भी शामिल

भारत सरकार ने भूतपूर्व सैनिकों के पुनर्नियोजन से जुड़े नियमों में एक महत्वपूर्ण संशोधन किया है। 9 फरवरी 2026 को कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय के अंतर्गत कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, Ex-servicemen (Re-employment in Central Civil Services and Posts) Rules, 1979 में बदलाव कर इसे और अधिक समावेशी बनाया गया है।

यह अधिसूचना भारत के राजपत्र (The Gazette of India) के असाधारण अंक में प्रकाशित की गई है।


क्या है नया संशोधन?

संशोधित नियमों का नाम होगा:

भूतपूर्व सैनिक (केंद्रीय सिविल सेवा और पद पुनर्नियोजन) संशोधन नियम, 2026

ये नियम राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से ही लागू हो गए हैं।


पहले क्या परिभाषा थी?

पहले “भूतपूर्व सैनिक” की परिभाषा में केवल यह कहा गया था कि व्यक्ति ने:

“भारत संघ की नियमित सेना, नौसेना या वायुसेना में किसी भी रैंक में सेवा की हो…”


अब क्या बदला गया है?

अब इस परिभाषा में एक बड़ा और महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। संशोधित परिभाषा के अनुसार:

अब वे सभी व्यक्ति भी भूतपूर्व सैनिक माने जाएंगे,
जिन्होंने भारतीय संघ की
सेना, नौसेना, वायुसेना या सैन्य नर्सिंग सेवा (Military Nursing Service)
में किसी भी रैंक में, चाहे योधक (Combatant) हों या गैर-योधक (Non-Combatant), सेवा की हो।


इस बदलाव का क्या महत्व है?

इस संशोधन से पहली बार Military Nursing Service (MNS) में सेवा देने वाली महिलाओं और कर्मियों को भी केंद्रीय सरकारी नौकरियों में भूतपूर्व सैनिक कोटा और पुनर्नियोजन सुविधाओं का लाभ मिलेगा।

यह कदम:

  • समानता को बढ़ावा देगा

  • सैन्य सेवा के सभी रूपों को सम्मान देगा

  • महिला सैन्य कर्मियों को मुख्यधारा में अवसर देगा


किसके अधिकार से हुआ संशोधन?

यह संशोधन भारत के संविधान के अनुच्छेद 309 के अंतर्गत राष्ट्रपति द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए किया गया है।

अधिसूचना पर हस्ताक्षर किए हैं:

मनोज कुमार द्विवेदी
अपर सचिव, भारत सरकार


पहले भी हो चुके हैं संशोधन

मूल नियम 1979 में बने थे और इसके बाद इनमें निम्न वर्षों में संशोधन हुए:

  • 1986

  • 1987

  • 2012

  • 2020

  • और अब 2026


निष्कर्ष

यह संशोधन भूतपूर्व सैनिकों के लिए एक ऐतिहासिक और सकारात्मक कदम है। विशेष रूप से Military Nursing Service के कर्मियों को अब वह पहचान और अधिकार मिलेंगे, जिनके वे वर्षों से हकदार थे।

यह फैसला न केवल रोजगार के नए द्वार खोलेगा, बल्कि देश की सेवा करने वाले हर वर्दीधारी को समान सम्मान देने की दिशा में भी एक मजबूत संदेश है। 🇮🇳

MNS

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